
विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ स्वागत, योजनाओं की पड़ताल
शुक्रवार (5 जून, 2026) को रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग) भरत सिंह चौधरी ने जनपद के विकास कार्यों की मैराथन समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय मंत्री को औषधीय/फलदार पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने जिले में चल रही केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं की अद्यतन (Current) स्थिति पटल पर रखी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: सड़कों और पुलों पर फोकस
इन दोनों महत्वपूर्ण धार्मिक व पर्यटन मार्गों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए मंत्री ने डामरीकरण और सुधारीकरण के कार्यों में तेजी लाने को कहा। जिन ग्रामीण सड़कों को आवश्यकता के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को सौंपना या टेकओवर करना है, उसकी फाइलें तुरंत आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।जल जीवन मिशन के तहत रौठिया-जवाड़ी फेस-2 पंपिंग योजना और तल्ला नागपुर फेस-2 योजना को समय पर पूरा करने को कहा गया। साथ ही नगरासू, सारी और लस्तर नहरों के निर्माण को समय सीमा के भीतर समेटने की हिदायत दी।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: 100 मेधावियों को मिलेंगे विशेष टैबलेट
शिक्षा विभाग की समीक्षा में कैबिनेट मंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को जनपद के विभिन्न स्कूलों से टॉप 100 मेधावी छात्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार इन मेधावी छात्रों को मुफ्त टैबलेट वितरित करेगी। इन टैबलेट्स की खासियत यह होगी कि इनमें IIT-JEE, NEET, NDA जैसी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं का पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री पहले से ही लोड (Pre-installed) होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को कोचिंग के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।
कृषि और स्वरोजगार: ‘लखपति दीदी’ और ‘बांस उत्पादन’ पर जोर
मंत्री ने रुद्रप्रयाग की भौगोलिक स्थिति को बांस (Bamboo) उत्पादन के लिए सर्वश्रेष्ठ बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों के किनारे सुरक्षा दीवार की जगह ‘बांस रोपण’ कर नेचुरल बैरियर बनाए जाएं, जिससे भूस्खलन भी रुकेगा और स्थानीय लोगों को आजीविका भी मिलेगी। इस वर्ष योजना का विस्तार करते हुए 44 नए गांवों को शामिल किया गया है, जिससे जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा होगी। गोट वैली और कलेक्शन सेंटर: पशुपालन गतिविधियों को ‘लखपति दीदी योजना’ से जोड़ने पर बल दिया गया। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई समितियां बनाने और सुदूर क्षेत्रों में कलेक्शन पॉइंट स्थापित करने की योजना पर सहमति बनी, जिसके परिवहन का खर्च सरकार उठाएगी।
चारधाम यात्रा और मानसून सुरक्षा चक्र
वर्तमान में चल रही केदारनाथ यात्रा और आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से ‘बॉटलनेक प्वाइंट्स’ (जहां सड़कें संकरी हैं) को चिन्हित कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को जाम से न जूझना पड़े।आगामी मानसून सीजन में होने वाली संभावित अतिवृष्टि या भूस्खलन से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को राहत और बचाव उपकरणों (JCB, कटर आदि) को संवेदनशील स्थानों पर पहले से तैनात करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि:
इस उच्च स्तरीय बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप वन संरक्षक रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी उखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश सहित लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जल संस्थान और उद्योग केंद्र के अधिशासी अभियंता व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



